स्पेशल स्टोरी

नीब करौरी बाबा के परिवार में कौन-कौन हैं? पुश्तैनी घर पर छिड़ा है विवाद, DM से गुहार लगा चुकी हैं 6 पोतियां

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुरा में जन्मे संत बाबा नीब करौरी के वंशज देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे हुए हैं। उनके उस पैतृक मकान को लेकर कानूनी विवाद शुरू हो गया है जिसमें बाबा ने करीब सवा सौ साल पहले जन्म लिया था।

Gaurav Dwivedi
September 4, 2026
3 min read
नीब करौरी बाबा के परिवार में कौन-कौन हैं? पुश्तैनी घर पर छिड़ा है विवाद, DM से गुहार लगा चुकी हैं 6 पोतियां

लखनऊ: नीब करौरी बाबा , जिन्हें नीम करौली बाबा भी कहा जाता है, के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों काफी चर्चा में है। दिवंगत नीब करोरी बाबा हनुमान जी के भक्त एक सांसरिक संत थे। उनका परिवार और वंशज आज भी देश के विभिन्न हिस्सों में बसे हुए हैं। बाबा नीब करौरी का जन्म उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर की ग्राम पंचायत नगला में हुआ था। यहां वह घर आज भी है जिसमें दशकों पहले नीब करौरी बाबा रहते थे। उनका इस पैतृक घर के अधिकार के लिए उनके वंशज एक ट्रस्ट के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

बाबा नीब करौरी के थे दो बेटे और एक बेटी

दिवंगत संत बाबा नीब करौरी महाराज का मूल नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा है। बाबा की पत्नी राम बेटी शर्मा थीं और उन दोनों के दो बेटे थे। बड़े बेटे अनेक सिंह शर्मा और छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा थे। बाबा की एक बेटी गिरजा भटेले हैं, जो कि आगरा में रहती हैं। अनेक सिंह शर्मा का सन 2021 में नवंबर में निधन हो गया था। धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर थे। वे वृंदावन में रहते थे। उनका अप्रैल, 2021 में उनका निधन हो गया था।

भोपाल में रहते हैं बाबा के एक मात्र पोते

अनेक शर्मा की एक बेटी और एक बेटा है और धर्म नारायण शर्मा ‌की छह बेटियां हैं। अनेक सिंह शर्मा के बेटे धनंजय शर्मा डॉक्टर थे। वे सरकारी सेवा में थे। धनंजय शर्मा रिटायर हो चुके हैं और भोपाल में रहते हैं। धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं जो कि अलग-अलग शहरों में रहती हैं। उनकी बेटी सुनीता शर्मा वृंदावन में, अर्चना शर्मा और ऋतु तिवारी दिल्ली में, वंदना शर्मा मथुरा में, भावना रावत मुंबई में और ऋचा रावत गुड़गांव में बसी हुई हैं।

वृंदावन में हुआ था नीब करौरी बाबा का निधन

नीम करौरी बाबा का जन्म सन 1900 के आसपास हुआ था। आध्यात्म के प्रति उनमें बचपन से ही रुचि थी। उनकी शादी सिर्फ 11 साल की आयु में राम बेटी से हो गई थी। बताया जाता है कि आध्यात्म में गहरा लगाव होने के कारण उन्होंने 17 साल की उम्र में सांसारिक जीवन छोड़ दिया था और वैराग्य अपना लिया था। हालांकि कुछ वर्ष बाद उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के मनाने पर वे पारिवारिक जीवन में लौट आए थे। बाबा नीब करौरी का देहावसान 11 सितंबर, 1973 को वृंदावन में हुआ था।

बाबा के जन्म स्थान को लेकर कानूनी विवाद

बाबा नीब करौरी के अकबरपुर के पैतृक आवास को लेकर हाल ही में विवाद शुरू हुआ है। बाबा की छह पोतियों, यानी धर्म नारायण शर्मा की बेटियों ने आरोप लगाया है कि बाबा के पैतृक मकान पर श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने जबरन कब्जा कर रखा है। इस बारे में जिलाधिकारी को शिकायत की गई है। यदि प्रशासन मकान से जल्द ही ट्रस्ट का कब्जा खत्म नहीं कराता तो बाबा की पोतियां अदालत में जाकर केस लड़ेंगी। बाबा की मुंबई निवासी पोती भावना रावत के पति मनोज रावत ने कहा है कि यदि जिला प्रशासन से उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वे कोर्ट में जाएंगे।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

यूपी-उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान, चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना

चुनाव आयोग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश की 10 व उत्तराखंड की एक सीट पर 16 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी। जबकि नामांकन भरने की आखिरी डेट 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

यौन उत्पीड़न केस में बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस, महिला पहलवानों ने बरी होने के फैसले को दी चुनौती

पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. चार महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है.

घाटों से लेकर विश्वनाथ धाम तक… 2014 से 2026 तक काशी में पर्यटन का कितना विस्तार?

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर वाराणसी पर्यटन को लेकर जारी आंकड़ों में बड़ा खुलासा हुआ है. वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52.71 करोड़ से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटक काशी पहुंचे हैं.

राम मंदिर: 72 घंटे तक चढ़ावा चोरी की घटना को चंपत राय ने दबाए रखा, फिर भी जांच में कैसे मिली क्लीनचिट?

अयोध्या पुलिस की विवेचना रिपोर्ट के मुताबिक, चंपत राय को 4 जून को चढ़ावा चोरी का वीडियो मिल गया था. 8 जून को ट्रस्ट ने इसे अफवाह बताया. चार्जशीट में 8 आरोपी और चंपत राय गवाह हैं.