UP-बिहार से पंजाब तक फैला नेटवर्क, सहारनपुर में डालने वाले थे नई फैक्ट्री; छह महीने में खपाए 70 करोड़ के नकली सिक्के
सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्के बनाने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह यूपी, बिहार, पंजाब और झारखंड में 6 महीने में ₹70 करोड़ से अधिक के नकली सिक्के खपा चुका था.

उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने नकली सिक्कों के पूरे गैंग का खुलासा किया है. इस गैंग के सदस्य महज छह महीने में ही 70 करोड़ से अधिक कीमत के नकली सिक्के बनाकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और झारखंड के बाजारों में उतार चुके हैं. पुलिस ने इस अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए सरगना समेत 5 जालसाजों को अरेस्ट किया है. अब पुलिस इस गैंग से जुड़े अन्य बदमाशों की पहचान और धरपकड़ में जुटी है.इस गैंग का खुलासा करते हुए SSP अभिनंदन ने बताया कि गिरोह में कुल आठ लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से नकली सिक्के बनाने और उन्हें बाजार में खपाने का काम कर रहे थे. पुलिस ने अभी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी तीन आरोपियों की तलाश और इनके नेटवर्क की जांच जारी है. जल्द ही इन आरोपियों को भी अरेस्ट कर जेल पहुंचा दिया जाएगा.
25 साल का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह है. वह वर्ष 2001 से ही सिक्के बनाने के कारोबार से जुड़ा है. वह पहले सुनार था और चांदी के सिक्के बनाने का काम करता था. इसी दौरान उसकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई, जिसके बाद उसने नकली सिक्के बनाने के धंधे में कदम रखा. नकली सिक्के तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने से मोटा मुनाफा मिलने के कारण उसने धीरे-धीरे अपना गिरोह तैयार कर लिया.
सहारनपुर में डालने वाला था फैक्ट्री
SSP अभिनंदन के मुताबिक गिरोह बड़े स्तर पर नकली सिक्कों की मैन्युफैक्चरिंग कर रहा था. इनकी क्षमता रोजाना करीब 10 से 12 हजार नकली सिक्के तैयार करने की थी. आरोपी इन सिक्कों को आमतौर पर छोटे दुकानदारों, शराब के ठेकों और टोल टैक्स पर खपाते थे. पुलिस के मुताबिक सिक्कों की फिनिशिंग इतनी बेहतर थी कि पहली नजर में इनके नकली होने की पहचान करना भी मुश्किल था. नकली सिक्कों की डिमांड को देखते हुए ये सहारनपुर में भी फैक्ट्री डालने की तैयारी में थे.
पहले भी जा चुका है जेल
उन्होंने बताया कि गिरोह का सरगना उपकार लूथरा पहले भी जेल जा चुका है. पुलिस के मुताबिक दिल्ली की तिहाड़ जेल और अन्य जेलों में रहने के दौरान उसकी मुलाकात गिरोह के कुछ सदस्यों से हुई. बाद में इन लोगों ने मिलकर नकली सिक्के बनाने का कारोबार बड़े स्तर पर शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, पंजाब और बिहार तक फैला हुआ था. पुलिस ने इस मामले में उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी मोहाली, हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी सहारनपुर, कुलदीप निवासी मेघाखेड़ी मुजफ्फरनगर, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्धन निवासी मधुबनी बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी भदोही को गिरफ्तार किया है.
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
सपा-कांग्रेस की सियासी दोस्ती में मुस्लिम बहुल सीटें बनीं रोड़ा! वेस्ट यूपी की इन 60 सीटों पर दोनों की नजर
यूपी चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन तय है पर सीटों के बंटवारे को लेकर मामला फंसा हुआ है। कांग्रेस अधिकतर मुस्लिम बहुल सीटें अपने पास रखना चाहती है।
यूपी एमएलसी चुनाव के लिए BJP प्रत्याशियों का ऐलान, देखिए पूरी लिस्ट
यूपी में एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने 11 सीटों में से 6 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
पुतला फूंकने से लेकर घर पर अभद्र नारा लिखने तक… UP में CEC ज्ञानेश कुमार का विरोध
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ, रायबरेली, सहारनपुर और आगरा में प्रदर्शन किया. कहीं पुतला फूंका गया तो कहीं पुलिस से धक्का-मुक्की हुई. आगरा में आपत्तिजनक नारे लिखे गए.
डॉक्टर पिंकी, IAS अर्चना और नीलम... योगी सरकार ने 8 महिला अधिकारियों को सौंपी हेल्थ विभाग की कमान, सबको जानिए
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए महिला IAS अधिकारियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया है। 8 महिला IAS अधिकारी वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियों का संचालन कर रही हैं।
