डॉक्टर पिंकी, IAS अर्चना और नीलम... योगी सरकार ने 8 महिला अधिकारियों को सौंपी हेल्थ विभाग की कमान, सबको जानिए
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए महिला IAS अधिकारियों को प्रमुख पदों पर नियुक्त किया है। 8 महिला IAS अधिकारी वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न जिम्मेदारियों का संचालन कर रही हैं।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए एक मजबूत प्रशासनिक मॉडल पेश किया है। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे और चिकित्सा शिक्षा विभाग के शीर्ष नीति-निर्धारण से लेकर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन तक की लगभग सभी प्रमुख जिम्मेदारियां वरिष्ठ और अनुभवी महिला IAS अफसरों के कंधों पर हैं।
स्वास्थ्य महकमे में प्रमुख सचिव से लेकर महानिदेशक, मिशन निदेशक और विशिष्ट चिकित्सा संस्थानों के प्रशासनिक पदों तक कुल 8 महिला IAS अधिकारी पूरे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं का नेतृत्व कर रही हैं, जो प्रशासनिक गलियारों में महिला सशक्तिकरण की एक शानदार मिसाल पेश करता है।
शीर्ष पर हैं IAS हेकली झिमोमी, रितु माहेश्वरी और डॉ. पिंकी जोवेल
प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव पद की सर्वोच्च कमान 1996 बैच की सीनियर IAS अधिकारी वी. हेकली झिमोमी संभाल रही हैं। वहीं, प्रशासनिक प्रबंधन और विकास योजनाओं में अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली 2003 बैच की आईएएस रितु माहेश्वरी को सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य की प्राथमिक स्वास्थ्य योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की कमान बतौर सचिव एवं मिशन निदेशक 2003 बैच की IAS डॉ. पिंकी जोवेल संभाल रही हैं।
मेडिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य बीमा योजना में भी मजबूत चेहरे
उत्तर प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और डॉक्टरों-पैरामेडिकल स्टाफ की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए साल 2010 बैच की IAS अधिकारी नेहा शर्मा को महानिदेशक मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, गरीबों और जरूरतमंदों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने वाली राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एजेंसी यानी नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम यानी SACHIS के CEO के रूप में 2014 बैच की IAS अर्चना वर्मा पूरी निष्ठा से दायित्व निभा रही हैं।
युवा महिला अफसरों पर भरोसा
स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारु संचालन और विशिष्ट चिकित्सा संस्थानों के प्रबंधन में भी महिला अधिकारियों को अहम मोर्चों पर लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक, IAS कृतिका शर्मा विशेष सचिव, मेडिकल एजुकेशन के साथ-साथ प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थान SGPGI, लखनऊ में अपर निदेशक के पद पर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। वहीं, 2020 बैच की IAS अफसर निधि बंसल लखनऊ में स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय में निदेशक (प्रशासन) के पद पर तैनात हैं, जो विभाग के कार्मिक, अनुशासन और दैनिक प्रशासनिक तंत्र को संभालती हैं।
इसके साथ ही 2021 बैच की IAS अफसर नीलम मेडिकल एजुकेशन में एडिशनल डायरेक्टर के तौर पर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा ढांचे को गति देने में जुटी हैं। यह प्रशासनिक स्वरूप इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा जैसे सबसे संवेदनशील और जनहित से जुड़े सेक्टर में सरकार ने महिला प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यक्षमता, संवेदनशीलता और प्रबंधन क्षमता पर पूर्ण विश्वास जताया है।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
Related Stories
सपा-कांग्रेस की सियासी दोस्ती में मुस्लिम बहुल सीटें बनीं रोड़ा! वेस्ट यूपी की इन 60 सीटों पर दोनों की नजर
यूपी चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन तय है पर सीटों के बंटवारे को लेकर मामला फंसा हुआ है। कांग्रेस अधिकतर मुस्लिम बहुल सीटें अपने पास रखना चाहती है।
यूपी एमएलसी चुनाव के लिए BJP प्रत्याशियों का ऐलान, देखिए पूरी लिस्ट
यूपी में एमएलसी चुनाव के लिए भाजपा ने 11 सीटों में से 6 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
पुतला फूंकने से लेकर घर पर अभद्र नारा लिखने तक… UP में CEC ज्ञानेश कुमार का विरोध
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ, रायबरेली, सहारनपुर और आगरा में प्रदर्शन किया. कहीं पुतला फूंका गया तो कहीं पुलिस से धक्का-मुक्की हुई. आगरा में आपत्तिजनक नारे लिखे गए.
लिव-इन की जिद, जंगल में महिला की हत्या और बच्ची को मारने की कोशिश… बिजनौर कांड का खुलासा
बिजनौर हत्याकांड की जांच में पुलिस ने मृतका के चचेरे भाई नीरज को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में वारदात से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए.
