पीआरडी जवानों को अगले माह से 600 रुपये दैनिक भत्ते का होगा भुगतान, योगी सरकार की ओर से जारी हुआ आदेश
यूपी में पीआरडी जवानों को बढ़े हुए मानदेय के भुगतान का आदेश जारी कर दिया गया है। योगी सरकार की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ सरकार प्रांतीय रक्षक दल के जवानों का दैनिक भत्ता बढ़कर 600 रुपये करने का शासनादेश शुक्रवार को जारी कर दिया गया। इसके जारी होने के तारीख से नई व्यवस्था लागू हो गई है। ऐसे में अब अगले महीने पीआरडी जवानों को बढ़ दैनिक भत्ते के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। साथ ही, कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी आदेश जारी किया गया है। यूपी में पीआरडी जवानों को अब तक 500 रुपये दैनिक भत्ता दिया जाता था। सरकार ने पिछले दिनों इसे बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की थी। सीएम योगी की घोषणा को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी।
पीआरडी जवानों के मानदेय बढ़ाए जाने के मामले में अब युवा कल्याण विभाग के विशेष सचिव कुमार विनीत की ओर से आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत दैनिक भत्ते में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही साथ पीआरडी जवानों और उनके परिजनों को कैशलैस ट्रीटमेंट की सुविधा भी दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 5 लाख रुपये तक प्रति परिवार हर वर्ष मुफ्त उपचार की सुविधा दी जाएगी।
सरकार भरेगी प्रीमियम
पीआरडी जवानों और उनके परिवार को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा को लेकर सरकार की ओर से बीमा कराया जाएगा। इसके तहत जवानों और उनके परिवार के लोगों को सरकारी अस्पतालों के साथ ही स्टेट एजेंसी का कंप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) से संबंध प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार के सुविधा दी जाएगी। इसके लिए सरकार हर पीआरडी कर्मी के बीमा पर आने वाले 3000 रुपये प्रीमियम का खर्च उठाएगी।
प्रदेश में 87255 पीआरडी जवान के पद हैं। सभी पद भरने पर सरकार पर प्रीमियम जमा करने का खर्च 26.17 करोड़ रुपए आएगा। हालांकि, प्रदेश में भी 31,130 पीआरडी जवान कार्यरत हैं। इसको लेकर सरकार में प्रीमियम राशि जमा करने के लिए 9.34 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
द यूनाईटेड प्रोविन्सेस रक्षक दल एक्ट-1948 के तहत पीआरडी की स्थापना की गई थी। पीआरडी की स्थापना का उद्देश्य इन जवानों के जरिए समाज में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना था। पीआरडी जवान पुलिस के सहयोगी के तौर पर काम करने के लिए तैयार किए गए। पीआरडी के सदस्यों को सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन पर जोर दिया जाता था। पीआरडी की स्थापना 11 दिसंबर 1948 को हुई थी।
पीआरडी स्वयंसेवकों को थानों, पुलिस लाइन, यातायात संचालन, सचिवालय, न्यायालयों, डीएम कार्यालयों सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों की सुरक्षा में लगाया जाता रहा है। इसके अलावा निर्वाचन ड्यूटी, धार्मिक स्थलों, प्रमुख मेलों, बड़े आयोजनों एवं त्योहारों पर शांति-व्यवस्था बनाए रखने में भी इनकी ड्यूटी लगती है। प्राकृतिक आपदा के समय भी ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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