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यूपी पुलिस के 'स्पेशल 32' संभालेंगे क्राइम सीन, फोरेंसिक साइंस की दी जा रही स्पेशल मास्टर ट्रेनिंग

यूपी पुलिस के 32 चुनिंदा अधिकारियों को फोरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की स्पेशल मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी।

Gaurav Dwivedi
September 23, 2026
2 min read
यूपी पुलिस के 'स्पेशल 32' संभालेंगे क्राइम सीन, फोरेंसिक साइंस की दी जा रही स्पेशल मास्टर ट्रेनिंग

लखनऊ: आपराधिक घटनाओं के निस्तारण में यूपी पुलिस के 'स्पेशल 32' की अहम भूमिका होगी। फोरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की विशेष मास्टर ट्रेनिंग हासिल करने वाले 32 पुलिसकर्मी अब क्राइम सीन का जिम्मा संभालेंगे।

32 चुनिंदा अधिकारियों को दी जा रही ट्रेनिंग

यूपी में आपराधिक घटनाओं की जांच को ज्यादा वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की कहानी क्या है?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश पुलिस के 32 चुनिंदा अधिकारियों को फोरेंसिक साइंस और क्राइम सीन मैनेजमेंट की विशेष मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका उद्देश्य अपराध स्थल से साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच को मजबूत बनाना और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

600 पुलिस अधिकारियों को मिल चुकी है ट्रेनिंग

छह चरणों में 600 पुलिस अधिकारियों को पहले ही 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन्हीं प्रशिक्षित अधिकारियों में से उत्कृष्ट का चयन कर उन्हें उन्नत स्तर की मास्टर ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। पुलिस अफसरों को आईपीएस डॉ. जीके गोस्वामी के नेतृत्व में यूपी स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है।

साक्ष्य संकलन की बारीकियां सीख रहे

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को घटनास्थल की सुरक्षा, साक्ष्य संग्रहण, तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, फिंगरप्रिंट और रक्त के नमूनों, वैज्ञानिक साक्ष्यों की पहचान और संरक्षण की बारीकियां सिखाई जा रही है। इसके लिए कृत्रिम क्राइम सीन तैयार कर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कई मामलों में अपराध स्थल से मिले छोटे-छोटे सुराग जांच की दिशा बदल सकते हैं। ऐसे में साक्ष्यों का वैज्ञानिक संग्रह और संरक्षण न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

फील्ड में आने वाली चुनौतियां भी सीखेंगे

प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिन और रात दोनों परिस्थितियों में काइम सीन के प्रबंधन, साक्ष्यों को नष्ट करने के प्रयासों से निपटने और घटनास्थल को सुरक्षित रखने संबंधी तकनीकों का भी अभ्यास करवाया जा रहा है। अधिकारियों को फील्ड स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त 'स्पेशल 32' अधिकारी आगे चलकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करेंगे।

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