भदोही: कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा, पत्नी व बेटे को सुनाई 10-10 साल की सजा, बहू को 4 साल की कैद
भदोही कोर्ट का बड़ा फैसला, अब इस मामले में विजय मिश्रा समेत पूरा परिवार दोषी करार

भदोही। ज्ञानपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और बाहुबली विजय मिश्रा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में प्रयागराज की अदालत से उम्रकैद की सजा मिलने के ठीक बाद, अब भदोही की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने जबरन संपत्ति हड़पने और फर्जी वसीयत तैयार कराने के एक अन्य गंभीर मामले में विजय मिश्रा के पूरे कुनबे को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) पुष्पा सिंह की अदालत ने शुक्रवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में अपना अहम फैसला सुनाया।
अदालत ने बाहुबली विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने विजय मिश्रा पर 1.76 लाख रुपये, रामलली पर 1.75 लाख रुपये और बेटे विष्णु पर 1.65 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, इस मामले में साजिश रचने की दोषी पाई गईं विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा (पत्नी विष्णु मिश्रा) को 4 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। पूर्व विधायक की पत्नी और बहू को पहली बार किसी मामले में सजा हुई है।
इस फैसले के बाद से समाज में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्याय की जीत मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि यह एक कुख्यात आपराधिक परिवार को स्पष्ट संदेश है। लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे न्याय प्रणाली की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है।
गोपीगंज पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर विभिन्न गंभीर और संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी की और न्यायालय में मजबूत चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी प्रवेश तिवारी की कोर्ट में प्रभावी व दमदार पैरवी के चलते आखिरकार शुक्रवार को अदालत ने अपना सुरक्षित फैसला सुना दिया। उम्रकैद की सजा काट रहे विजय मिश्रा के साथ-साथ अब उनका पूरा परिवार कानूनी शिकंजे में पूरी तरह फंस चुका है।
भविष्य की संभावनाएँ
इस मामले से स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं। विजय मिश्रा के मामलों की सुनवाई और उनके परिवार की सजा से यह संकेत मिलता है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस घटनाक्रम ने यह भी साबित किया है कि चाहे कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से बचना संभव नहीं है।
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