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यूपी चुनाव 2027: सपा-कांग्रेस में 80 सीटों पर बन सकती है बात,दो-तीन महीने पहले ही प्रत्याशी उतार देंगे अखिलेश

यूपी चुनाव 2027 को लेकर सपा ने मास्टरस्ट्रोक खेला है. अखिलेश यादव बगावत रोकने के लिए चुनाव से 3 महीने पहले ही टिकट घोषित करेंगे, वहीं लोकसभा की सफलता दोहराने के लिए कांग्रेस के साथ 80 सीटों के आसपास गठबंधन का फार्मूला तैयार हो रहा है.

Gaurav Dwivedi
June 2, 2026
2 min read
यूपी चुनाव 2027: सपा-कांग्रेस में 80 सीटों पर बन सकती है बात,दो-तीन महीने पहले ही प्रत्याशी उतार देंगे अखिलेश

उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अभी करीब 8 महीने का समय बचा है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. सपा इस बार चुनाव की घोषणा होने से दो-तीन महीने पहले ही अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने की तैयारी में है, ताकि उन्हें प्रचार का पूरा मौका मिल सके. इसके साथ ही, आगामी चुनाव के लिए सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को अमलीजामा पहनाने और सीट शेयरिंग को लेकर भी भीतरखाने मंथन का दौर काफी तेज हो गया है. बताया जा रहा है कि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव 2024 की तर्ज पर जमीनी सर्वे और सटीक जातीय समीकरणों के आधार पर एक-एक सीट का गुणा-भाग खुद कर रहे हैं.

पैरवी नहीं, पकड़ के आधार पर मिलेगा टिकट

समाजवादी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अखिलेश यादव इन दिनों जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें कर रहे हैं. कहा ये भी जा रहा है कि सपा ने पूरे उत्तर प्रदेश में एक जमीनी सर्वे कराया है, जिसमें स्थानीय मुद्दे, नेताओं की छवि और वहां के जातीय आंकड़ों की पूरी कुंडली तैयार की गई है.

जिन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार तय हो रहे हैं, उन्हें बिना किसी शोर-शराबे के अभी से चुपचाप क्षेत्र में जुटने की हरी झंडी दी जा रही है.

जल्दी टिकट बांटने के पीछे सपा की खास सोच

ऐन चुनाव के वक्त टिकट घोषित होने से कई बार पार्टियों को बगावत और भीतरघात का सामना करना पड़ता है. सपा का मानना है कि अगर उम्मीदवारों के नाम दो-तीन महीने पहले तय हो जाएंगे, तो रूठे हुए नेताओं को मनाने और बगावत को शांत करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा. इसके अलावा, चुनावी मैदान में उतरने वाले प्रत्याशी को अपने क्षेत्र के एक-एक गांव और मतदाता तक पहुंचने का पूरा मौका मिलेगा, जिससे चुनाव के नतीजे बेहतर हो सकते हैं. साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने 111 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार पार्टी इस आंकड़े को बहुत आगे ले जाना चाहती है.

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