UP की बड़ी खबर

भदोही हुआ 'संत रविदास नगर', पार्टी को मजबूत करने के लिए कल्याण सिंह मॉडल पर आगे बढ़ रही बीजेपी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम एक बार फिर से 'संत रविदास नगर' करने की घोषणा की है। इस जिले का नाम पांचवी बार बदला जा रहा है। सबसे पहले सन 1997 में बीजेपी के तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह ने इसके नाम में बदलाव का नोटिफिकेशन जारी किया था।

Gaurav Dwivedi
July 31, 2026
3 min read
भदोही हुआ 'संत रविदास नगर', पार्टी को मजबूत करने के लिए कल्याण सिंह मॉडल पर आगे बढ़ रही बीजेपी

लखनऊ: अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों के लिए दलितों को लुभाने की कोशिश में बीजेपी ने कल्याण सिंह सरकार के तरीके को अपनाया है। कल्याण सिंह सरकार ने ही सबसे पहले पूर्वी यूपी के भदोही जिले का नाम बदलकर 'संत रविदास नगर' किया था। यह नाम 15वीं सदी के दलित संत रविदास के नाम पर रखा गया था।

फैसला मायावती का, अमल में लाए थे कल्याण सिंह

भदोही का नाम बदलने का फैसला तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 1997 में किया था, लेकिन 'संत रविदास नगर' के लिए औपचारिक नोटिफिकेशन उनके बाद सीएम बने कल्याण सिंह ने 4 दिसंबर 1997 को जारी किया था। यह फैसला बहुजन समाज पार्टी (BSP) के यूपी में बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ने के दो महीने के भीतर लिया गया था। गठबंधन तोड़ने के पीछे बीएसपी ने आरोप लगाया था कि बीजेपी एससी, एसटी एक्ट का गलत इस्तेमाल कर रही है और वह दलित-विरोधी है।

पुराना नाम वापस देने पर सपा को हुआ था नुकसान

हालांकि, जब अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने 6 दिसंबर 2014 को संत रविदास नगर' का नाम बदलकर फिर से 'भदोही' कर दिया। लेकिन यह कदम उल्टा पड़ गया और 2017 के यूपी के चुनावों में समाजवादी पार्टी को भदोही इलाके की तीनों सीटों भदोही, ज्ञानपुर और औराई में हार का सामना करना पड़ा। साल 2022 के विधानसभा चुनावों में सपा ने भदोही सीट वापस हासिल कर ली।

बीजेपी का भदोही में बना अच्छा जनाधार

सपा के उम्मीदवार जाहिद बेग ने बीजेपी के रवींद्रनाथ त्रिपाठी को 5000 वोटों के मामूली अंतर से हरा दिया। हालांकि बीजेपी इन विधानसभा सीटों पर अपनी चुनावी पकड़ मजबूत करने में सफल रही। यह बात सन 2024 में तब साफ हुई जब बीजेपी के डॉ विनोद बिंद ने भदोही लोकसभा सीट जीत ली। उन्होंने टीएमसी के ललितेशपति त्रिपाठी को 44,000 से अधिक वोटों से पराजित किया। ललितेशपति त्रिपाठी पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय कमलापति त्रिपाठी के पोते हैं।

सीएम का पद संभाला, तो उन्होंने 'संत रविदास नगर' के साथ 'भदोही' नाम भी जोड़ दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिर से बदला नाम

अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भक्त संत रविदास की 650वीं जयंती पर भदोही का नाम फिर से 'संत रविदास नगर' करने का फैसला किया है, ताकि दलितों के पारंपरिक गढ़ में बीजेपी को मजबूत किया जा सके। बीजेपी के भदोही जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने जिले में दलितों तक बड़े पैमाने पर पहुंचने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत गुरुवार को तब हुई जब बीजेपी ने भदोही में पार्टी ऑफिस से संत रविदास की शोभा यात्रा निकाली।

इस खबर को लाइक और शेयर करें

Comments (0)

0/2000 characters

Facebook टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें

टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।

Related Stories

PM सूर्य घर योजना: पहले नंबर पर लखनऊ, टॉप-100 में UP के 17 जिले

पीएम सूर्य घर योजना में यूपी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी सौर ऊर्जा को लेकर चल रहे अभियान का सकारात्मक असर दिख रहा है.

बहन की जिद और 14 साल का इंतजार… आखिर प्रबल अग्रवाल को मिला इंसाफ, हत्याकांड के 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा

बिजनौर के बहुचर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में 14 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में सातों दोषियों को उम्रकैद और भारी जुर्माने की सजा सुनाई. कोर्ट ने जांच में लापरवाही पर तत्कालीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए.

लखनऊ में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 FIR दर्ज; 9 दवा फर्में सील

उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ के अमीनाबाद में सक्रिय अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

यूपी के 16 नगर निगमों को जलभराव से बचाने का ब्लूप्रिंट तैयार, 1585 करोड़ में होगा नालों और ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण

यूपी के 16 नगर निगमों को जलभराव से बचाने के लिए 26 प्रॉजेक्ट्स का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रॉजेक्ट में करीब 1585 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान है।