लखनऊ में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 6 FIR दर्ज; 9 दवा फर्में सील
उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ के अमीनाबाद में सक्रिय अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ के अमीनाबाद में सक्रिय एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और संदिग्ध बैंक लेनदेन के जरिए नकली दवाओं के कारोबार का खुलासा करते हुए छह एफआईआर दर्ज कराई हैं। इसके साथ ही नौ संदिग्ध दवा फर्मों का संचालन रोकते हुए उन्हें सील कर दिया गया है।
करोड़ों रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि जांच में सामने आया कि अमीनाबाद की मिश्रा एसोसिएट्स, रायबरेली की मिश्रा मेडिकल एजेंसी, श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के बीच बिना वास्तविक दवा आपूर्ति के केवल कागजों पर क्रॉस-बिलिंग की जा रही थी।
जांच में यह भी पाया गया कि कई लेनदेन बिना वास्तविक बैंक ट्रांजैक्शन के दर्शाए गए, ताकि नकली और काउंटरफिट दवाओं को वैध दिखाया जा सके।
इन मामलों में मनीष मिश्रा, आमोद कुमार मिश्रा, सन्नी कश्यप, देवेंद्र शुक्ला और राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मौके पर नहीं मिला दवा का स्टॉक
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि भारत फार्मा और एम.डी.एच. फार्मा के नाम पर करोड़ों रुपये के दवा कारोबार का रिकॉर्ड तो मौजूद था, लेकिन मौके पर किसी भी प्रकार का दवा भंडारण नहीं मिला।
संबंधित फर्मों के प्रोपराइटरों अमरीन अहसन और मंतशा ने लिखित बयान देकर बताया कि उनकी जानकारी के बिना उनकी फर्मों का संचालन देवेंद्र शुक्ला कर रहा था।
भौतिक सत्यापन में दवा स्टॉक और खरीद के बिल नहीं मिलने से अधिकारियों ने फर्जी बिलिंग के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई की आशंका जताई।
पुलिस और FSDA ने संयुक्त रूप से चलाया अभियान
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि इस पूरे अभियान में लखनऊ पुलिस ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेशभर में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को संदिग्ध थोक दवा कारोबारियों, एजेंटों और सप्लाई चेन की निगरानी करने तथा दोषी मिलने पर लाइसेंस निरस्त कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
जुलाई में लगातार छठी एफआईआर
एफएसडीए ने जुलाई महीने में नकली दवाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया।
6 जुलाई: आलमबाग में पहली एफआईआर।
16-17 जुलाई: बिना लाइसेंस दवा भंडारण और परिवहन पर कार्रवाई।
19 जुलाई: अमीनाबाद के अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद।
24 और 25 जुलाई: फर्जी बिलिंग से जुड़े दो नए मुकदमे।
29 जुलाई: छठी एफआईआर दर्ज कर सिंडिकेट पर शिकंजा और कड़ा किया गया।
9 संदिग्ध दवा फर्मों पर कार्रवाई
एफएसडीए ने जांच पूरी होने तक निम्नलिखित संदिग्ध फर्मों के संचालन पर रोक लगा दी है:
एसकेजी मेडिकल्स
गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल
हेल्थ प्लस
एमके फार्मा
मां अम्बे फार्मा
आरएन फार्मा
सनलाइट फार्मा
सोनल फार्मा
सुपरविजन फार्मा
इन प्रतिष्ठानों के वित्तीय रिकॉर्ड, लेजर और दवा खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
राजस्थान और उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क
एफएसडीए की जांच अब उत्तर प्रदेश से बाहर भी पहुंच चुकी है। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद से बरामद नकली दवाओं का मुख्य स्रोत राजस्थान से जुड़ा है, जहां पहले ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।
इसके अलावा उत्तराखंड के देहरादून में नकली दवाएं बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री पर भी छापेमारी कर चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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