UP: फॉर्म-7 पर गलत जानकारी दी तो होगी जेल, चुनाव आयोग ने जारी किए सख्त निर्देश, 24 अक्टूबर तक ऐसे जुड़वाएं नाम
यूपी में फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची पर गलत आपत्ति दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं, 24 अक्टूबर को विशेष अभियान में मतदाता अपना नाम जांच सकेंगे और सूची से नाम छूटने पर फॉर्म-6 के जरिए आवेदन कर सकेंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए गलत जानकारी देना भारी पड़ सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फॉर्म-7 के तहत मिलने वाली आपत्तियों की जांच निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक की जाए। जांच में आपत्ति गलत या मनगढ़ंत पाए जाने पर संबंधित आवेदक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के तहत दोषी को एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
गलत जानकारी देने पर होगी कानूनी कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जानबूझकर गलत जानकारी देना अपराध है। इसमें मतदाता सूची तैयार करने, उसमें संशोधन कराने या किसी का नाम जुड़वाने अथवा हटवाने के लिए दी गई गलत जानकारी शामिल है।
फॉर्म-7 भरते समय भी आवेदक को निर्धारित घोषणा करनी होती है। यदि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जांच में आवेदन के जरिए दर्ज कराई गई आपत्ति गलत साबित होती है, तो आवेदक के खिलाफ इसी धारा के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 9 अक्टूबर को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इनके तहत अधिकारियों को फॉर्म-7 से प्राप्त आपत्तियों की नियमानुसार जांच कर उनका निस्तारण करने को कहा गया है।
प्रिंट और सोशल मीडिया के जरिए भी होगा प्रचार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन नियमों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा है। इसके लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसका उद्देश्य लोगों को फॉर्म-7 के इस्तेमाल, सही जानकारी देने की जिम्मेदारी और गलत घोषणा करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जागरूक करना है।
24 अक्टूबर को मतदाता सूची में जरूर जांचें अपना नाम
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र नागरिकों और पहली बार मतदान के लिए पात्र युवाओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, शनिवार को प्रदेश के सभी मतदेय स्थलों पर विशेष अभियान चलाया गया। इसमें पात्र नागरिकों, खासकर महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 भरवाए गए।
उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे 24 अक्टूबर को होने वाले अगले विशेष अभियान के दौरान अपने और परिवार के सदस्यों के नाम संबंधित बूथ की मतदाता सूची में जरूर जांचें।
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जमा कर सकता है। इसके अलावा, नाम शामिल कराने के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in या ECINET मोबाइल ऐप के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
यूपी में SIR की फाइनल लिस्ट जारी, फिर डुप्लीकेट वोटर्स कैसे रह गए?
यूपी में SIR के बाद भी डुप्लीकेट वोटर्स का मामला सामने आया है. सपा ने 100 सीटों पर शिकायत की, जबकि सोशल मीडिया पर कई वोटर आईडी कार्ड बनने का मुद्दा उठाया. चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?
2027 के लिए अखिलेश यादव का आर्थिक PDA प्लान! मुफ्त बिजली, महिलाओं को 40 हजार और OPS से साधेंगे बड़े वोट बैंक
सपा की राजनीति में PDA अब तक सामाजिक प्रतिनिधित्व, भागीदारी और सामाजिक न्याय के प्रमुख नारे के रूप में सामने रहा है. पार्टी की कोशिश है कि PDA का केवल जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व तक सीमित न रहे.
लखनऊ के शिवा हत्याकांड में इंस्पेक्टर, डीसीपी के बाद अब ACP पर गिरी गाज, 10 दिन से फरार है श्रद्धा दुबे
मॉडल श्रद्धा दुबे को शिवा शर्मा की मौत के 10 दिन बाद भी अरेस्ट नहीं किया जा सका है। हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को लाइन हाजिर, DCP सेंट्रल विक्रांत वीर के ट्रांसफर के बाद अब ACP हजरतगंज रजनीश वर्मा को हटा दिया गया है।
अहंकार और अन्याय के रावण का दहन करने की जरूरत… सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से की अपील
विजयादशमी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासिय़ों से अपील की है. उन्होंने कहा कि आज हम सभी को अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन का संकल्प लेने की जरूरत है.
