तेज प्रताप यादव भेजे गए पटना के बेऊर जेल, NEET मामले में किया था प्रदर्शन, देर रात हुई कार्रवाई
जन शक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित बिहार बंद के बाद देर रात कार्रवाई हुई।

पटना: बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया यानी न्यायिक हिरासत में भेज दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलनों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान भड़की हिंसा के बाद ये कार्रवाई की गई। पुलिस का दावा है कि रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन के दौरान तेजप्रताप ने छात्रों को हिंसा के लिए उकसाया था। इस कार्रवाई के तहत अकेले पटना से 209 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
देर शाम गिरफ्तारी और रात में ही भेजे गए बेऊर जेल
शनिवार को दिन में गांधी मैदान पुलिस ने तेज प्रताप यादव को सबसे पहले हिरासत में लिया था, लेकिन कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें कुछ देर में छोड़ दिया गया। हालांकि, देर शाम जब तेज प्रताप सिटी सेंटर मॉल घूमने निकले तो एसपी लॉ एंड ऑर्डर की मौजूदगी में पुलिस ने उन्हें दोबारा पकड़ लिया। पुलिस उन्हें एसपी की गाड़ी से दीघा थाने और बाद में नौबतपुर थाने ले गई, जहां देर रात तक पूछताछ जारी रही। फिर उनकी गिरफ्तारी हुई। देर रात को ही छज्जू बाग स्थित जज के आवास पर पेशी हुई और देर रात को ही पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया।
भड़काऊ बयानबाजी और सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्रवाई
पटना पुलिस के अनुसार रामगुलाम चौक पर छात्रों को उकसाने के कारण ही 13 जिलों में भारी उपद्रव हुआ।
तेज प्रताप यादव ने दिन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की थी।
CJP के समर्थन में बयान जारी किया और अभिजीत दिपके से बिहार आने की गुजारिश करते हुए पोस्ट की।
शनिवार देर रात जज के सामने हुई, फिर पटना के बेऊर जेल भेजे गए तेज प्रताप।
छात्र आंदोलन पर कसता पुलिस का शिकंजा
NEET मुद्दे को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन में नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गाज गिरना जारी है। तेज प्रताप यादव से पहले 24 तारीख को माले (CPIML) विधायक संदीप सौरभ को भी उनके आवास से पुलिस ने पकड़ा था। उन्हें भी गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया गया। 22 जुलाई के बड़े आंदोलन के बाद से अब तक दर्जनों नेताओं और प्रदर्शनकारियों को जेल भेजा जा चुका है।
13 जिलों में उपद्रव के बाद 209 प्रदर्शनकारी अरेस्ट
बिहार बंद के दौरान राज्य के 13 जिलों में भारी हंगामा और प्रदर्शन देखने को मिला। पटना में स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने कड़े कदम उठाए, जिसके तहत 209 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पुलिस बल पूरे शहर में मुस्तैद है।
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