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लखनऊ में धर्मांतरण गैंग का खुलासा: तमिलनाडु के पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार, इलाज और आर्थिक मदद का देते थे लालच

लखनऊ के मोहनलालगंज में अवैध धर्मांतरण गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया। तमिलनाडु के पास्टर दंपति समेत 7 आरोपी गिरफ्तार, फंडिंग नेटवर्क की जांच जारी।

Gaurav Dwivedi
July 25, 2026
3 min read
लखनऊ में धर्मांतरण गैंग का खुलासा: तमिलनाडु के पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार, इलाज और आर्थिक मदद का देते थे लालच

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के मामलों पर कार्रवाई के बीच राजधानी लखनऊ से एक बड़ा मामला सामने आया है। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में लालच और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने तमिलनाडु के एक पास्टर दंपति सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से धर्मांतरण से संबंधित साहित्य, बुकलेट, बैंक स्टेटमेंट और एक बोलेरो वाहन बरामद किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, भरसवा निवासी अमित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि चंद्रभान, उसकी पत्नी आरती, सीमा, डेनियल, उसकी पत्नी सुबला, अजय रावत और उसकी पत्नी शीला गांव में लोगों पर चर्च जाने और ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे थे।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्रामीणों को संतान प्राप्ति, गंभीर बीमारियों के इलाज और आर्थिक सहायता का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। विरोध करने वालों को धमकियां भी दी जाती थीं।

'रात में गांव पहुंचते, पैसे और इलाज का देते थे झांसा'

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी रात के समय चारपहिया वाहन से गांवों में पहुंचते थे और ग्रामीणों को आर्थिक मदद, इलाज तथा शादी-विवाह में सहयोग का आश्वासन देकर अपने प्रभाव में लेने का प्रयास करते थे। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने लोगों तक पहुंच बनाई गई और किन-किन इलाकों में गतिविधियां संचालित की गईं।

मुख्य आरोपी ने पूछताछ में किए कई दावे

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी डेनियल ने दावा किया कि उसका मूल नाम बाला सुब्रह्मण्यम है। उसने बताया कि विवाह के बाद उसने ईसाई धर्म अपनाया और अपना नाम डेनियल रखा।

आरोपी ने पुलिस पूछताछ में यह भी दावा किया कि वर्ष 1998 में वह तमिलनाडु के FGPC चर्च के निर्देश पर लखनऊ आया था और उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया। उसने यह भी दावा किया कि अधिक से अधिक लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य दिया जाता था और इसके बदले आर्थिक सहायता मिलती थी।

बैंक स्टेटमेंट और फंडिंग की जांच

पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। अब जांच एजेंसियां बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संभावित फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

मोहनलालगंज पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा अब तक कितने लोगों के धर्मांतरण के प्रयास किए गए।

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