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कैदी नंबर 71 बनीं ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह खुद दे चुकी 39 दोषियों को सजा, 14 दिन की न्यायिक हिरासत

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI जांच के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. 39 दोषियों को सजा सुनाने वाली पूर्व सख्त जज अब भोपाल जेल में 'कैदी नंबर 71' बन चुकी हैं.

Gaurav Dwivedi
June 3, 2026
3 min read
कैदी नंबर 71 बनीं ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह खुद दे चुकी 39 दोषियों को सजा,  14 दिन की न्यायिक हिरासत

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है. इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. कभी अदालत में न्याय देने वाली गिरिबाला सिंह आज खुद जांच के दायरे में हैं. मामले में आरोपी बनाए गए गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को भोपाल की जिला अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. यहां जेल में उन्हें कैदी नंबर 71 के रूप में रखा गया है. CBI की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद 2 जून को अदालत ने यह फैसला सुनाया. दोनों आरोपियों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा. इस मामले की जांच CBI कर रही है और लगातार नए तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है.

39 दोषियों को सुनाई सजा

प्रधान जिला न्यायाधीश बनने से पहले भी गिरिबाला सिंह ने अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में लंबा कार्यकाल बिताया था। इस दौरान उन्होंने अनेक गंभीर मामलों की सुनवाई की और कई अभियुक्तों के खिलाफ फैसले दिए। विशेष रूप से बच्चों के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों में उनका रुख बेहद सख्त माना जाता था। यही वजह रही कि न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका नाम अदालतों और कानूनी हलकों में सम्मान के साथ लिया जाता रहा। उन्होंने करीब 39 दोषियों को सजा सुनाई।

अधिकारी-कर्मचारी सम्मान में होते हैं खड़े

भोपाल जिला अदालत से जुड़े कई कर्मचारियों और वकीलों का कहना है कि गिरिबाला सिंह का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली था। अदालत परिसर में उनके आने की सूचना मिलते ही पूरा स्टाफ सतर्क हो जाता था। कोर्ट रूम में उनकी मौजूदगी अनुशासन का प्रतीक मानी जाती थी। कई लोग बताते हैं कि न्यायिक अधिकारी और कर्मचारी उन्हें देखते ही सम्मान में खड़े हो जाते थे।

कैदी नंबर 71 बनीं गिरिबाला सिंह

लेकिन ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। जिस महिला ने वर्षों तक अदालत में न्याय की कुर्सी संभाली, आज वही खुद एक चर्चित आपराधिक जांच का हिस्सा बन गई हैं। जांच एजेंसियों की कार्रवाई और न्यायिक हिरासत के बाद उन्हें कैदी नंबर 71 के रूप में दर्ज किया गया है। यह घटनाक्रम लोगों को हैरान कर रहा है क्योंकि कुछ समय पहले तक उनका नाम सख्त फैसलों और न्यायिक अनुशासन के लिए जाना जाता था।

ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर जांच अभी जारी है और एजेंसियां हर पहलू की पड़ताल कर रही हैं। इस बीच गिरिबाला सिंह का न्यायिक रिकॉर्ड फिर चर्चा में है। एक ओर उनके समर्थक उनके लंबे सेवा कार्यकाल और न्यायिक उपलब्धियों का उल्लेख कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं।हालांकि, मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और एजेंसियां विभिन्न तथ्यों की पुष्टि में जुटी हैं. ऐसे में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल ट्विशा शर्मा मौत मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं बल्कि एक ऐसे घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है जिसमें न्याय की कुर्सी पर बैठ चुकी एक पूर्व जज खुद सवालों के घेरे में आ गई हैं.

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